अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की विकास यात्रा को तीन शब्दों में परिभाषित किया- गौरव, सिद्धि और संकल्प। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गठन का गौरव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई सिद्धियां हासिल कर रहा है। वहीं, देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण का संरक्षण भविष्य का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है।
विकास के आंकड़ों से बताई बदलते उत्तराखंड की तस्वीर
गृह मंत्री ने राज्य की आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने कम समय में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
यूसीसी और नकल विरोधी कानून को बताया बड़ी उपलब्धि
अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और सख्त नकल विरोधी कानून को देश के लिए उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने सबसे पहले यूसीसी को धरातल पर उतारकर नई पहल की है और अब देश के 15 राज्य भी इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को बिना सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के सरकारी नौकरियां मिली हैं। धर्मांतरण विरोधी कानून को भी उन्होंने राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।
सीमांत क्षेत्रों से लेकर कनेक्टिविटी तक विकास का खाका
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन और केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड की तस्वीर बदलने जा रही हैं। उन्होंने सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध परियोजनाओं को भी राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण और तीन लाख से अधिक लखपति दीदियों की उपलब्धि का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। पहले की सरकारों ने चीन के डर से सीमांत क्षेत्रों के विकास को बाधित किया, लेकिन अब केंद्र सरकार ने सीमावर्ती गांवों तक विकास पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए देश की सुरक्षा नीति में आए बदलाव को भी रेखांकित किया।
धामी के नेतृत्व को सराहा, उपलब्धियों का रखा रिपोर्ट कार्ड
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड की जीएसडीपी लगभग 3 लाख 82 हजार करोड़ रुपये, प्रति व्यक्ति आय करीब 2 लाख 74 हजार रुपये और आर्थिक वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत से अधिक है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में प्रथम स्थान, खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार और पर्यटन एवं फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मिले राष्ट्रीय सम्मानों को भी उन्होंने राज्य की उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलने को पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि करार दिया। साथ ही कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए भी काम कर रही है।
सम्मान और विकास परियोजनाओं से सजा राज्योत्सव
राज्योत्सव समारोह में अमित शाह ने विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विभिन्न विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान और बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में राज्य के विकास में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित कर सरकार ने प्रदेश की प्रतिभाओं और उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।
कुल मिलाकर राज्योत्सव के मंच से अमित शाह का संदेश साफ रहा कि उत्तराखंड अब केवल अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश, रोजगार, सामरिक मजबूती और सुशासन के मोर्चे पर भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र के सहयोग और राज्य सरकार की उपलब्धियों के सहारे विकसित उत्तराखंड के संकल्प को दोहराया।




