मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ जनपद के जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण कार्य को गति देने की कवायद तेज हो गई है। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी पिथौरागढ़ तथा कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने प्रतिभाग किया। बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं, पुनरीक्षित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित पार्किंग का निर्माण पूरा होने के बाद जिला न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
959.47 लाख के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ की ओर से संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी द्वारा अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में समिति की बैठक में चर्चा की गई। परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही धनराशि जारी की जा चुकी है। शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य की आवश्यकता और परियोजना में किए गए अतिरिक्त प्रावधानों को देखते हुए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता सामने आई है। बैठक में पुनरीक्षित आगणन में हुई 282.93 लाख रुपये की वृद्धि के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार परियोजना के संशोधित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इन अतिरिक्त मदों के कारण परियोजना की लागत में वृद्धि हुई है। समिति ने निर्देश दिए कि आगणन में इन मदों के कारण हुई अतिरिक्त वृद्धि को लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता द्वारा लिखित रूप से स्पष्ट किया जाए और विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सके।
न्यायालय परिसर के साथ आमजन को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पार्किंग का स्थल मार्केट वाली रोड पर है। ऐसे में इसका महत्व केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। पार्किंग का उपयोग न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ-साथ आम नागरिक भी कर सकेंगे। पहाड़ी शहरों में सीमित स्थान और बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पिथौरागढ़ भी इससे अछूता नहीं है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण होने से वाहनों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा और सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग से उत्पन्न होने वाली समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित पार्किंग की क्षमता 43 कारों की है। बहुमंजिला स्वरूप में विकसित होने के कारण सीमित भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। वहीं दो लिफ्ट का प्रावधान किए जाने से पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक आवागमन को सुविधाजनक बनाने में भी मदद मिलेगी।
पार्किंग संचालन के लिए शुल्क होगा निर्धारित
बैठक में पार्किंग सुविधा के संचालन से जुड़े विषय पर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि पार्किंग के संचालन के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत शुल्क तय किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि पार्किंग का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो और इसके रखरखाव एवं संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सके। शुल्क निर्धारण के बाद पार्किंग के नियमित संचालन, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार सरकारी परिसरों के साथ-साथ आमजन से सीधे जुड़ी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्किंग जैसी सुविधाएं केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि शहरों के व्यवस्थित विकास में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जनपद में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं अधिक उपयोगी साबित हो सकती हैं। जिला न्यायालय परिसर की प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग परियोजना का उद्देश्य न्यायालय में आने वाले लोगों के साथ-साथ आमजन को भी व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पुनरीक्षित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। अतिरिक्त लागत के कारणों को संबंधित कार्यदायी संस्था से स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि पार्किंग की क्षमता 43 कारों की होगी और इसके संचालन के लिए शुल्क निर्धारण के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े और इसका लाभ आमजन को मिले।




